पहाड़ों पर बर्फबारी का व्यापक असर और गिरता तापमान नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम बेहद सख्त हो गया है। हाल ही में हुए हिमपात के बाद जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान शून्य से काफी नीचे चला गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पारा -६.५° सेल्सियस तक लुढ़क गया है, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। श्रीनगर में -१.५° और मनाली में ०.२° सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र और मुक्तेश्वर में भी तापमान शून्य के करीब पहुंच गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में कड़ाके की ठिठुरन महसूस की जा रही है।
मैदानी इलाकों में शीतलहर और सीकर में सबसे कम तापमान पहाड़ों से आने वाली बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने मैदानी राज्यों में भी ठिठुरन बढ़ा दी है। राजस्थान का सीकर जिला ३.२° सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ मैदानी इलाकों में सबसे ठंडा स्थान रहा। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश के जिलों में भी रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में भी न्यूनतम तापमान में कमी आई है, जिससे सुबह और देर रात बाहर निकलने वाले लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले ४८ घंटों में इन राज्यों में शीतलहर (Cold Wave) का प्रभाव और अधिक बढ़ने की संभावना जताई गई है।
घने कोहरे का संकट और विजिबिलिटी पर असर तापमान में गिरावट के साथ-साथ नमी वाली हवाओं के कारण उत्तर भारत के बड़े हिस्से में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। पंजाब से लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश तक सुबह के समय दृश्यता (Visibility) बहुत कम रहने की आशंका है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाओं के कारण कोहरे की तीव्रता बढ़ सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने और फॉग लाइट का उपयोग करने की सलाह दी है। हालांकि, दोपहर में आसमान साफ रहने और धूप निकलने से दिन के समय सर्दी से थोड़ी राहत मिल सकती है।
नया पश्चिमी विक्षोभ और आगामी मौसम का अनुमान हवामान विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो केवल ऊंचे पहाड़ों तक सीमित रहेगा। लेकिन १० जनवरी २०२६ के आसपास एक और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के उत्तर भारत में दस्तक देने की उम्मीद है। इसके प्रभाव से पहाड़ों पर फिर से भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। दक्षिण भारत की स्थिति पर गौर करें तो तमिलनाडु और केरल के तटों पर हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी, जबकि मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा।

